झांसी। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झांसी जेल में बंद उसके बड़े भाई अली अहमद को शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज रवाना किया गया। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जेल प्रशासन ने पुलिस अभिरक्षा में अली को प्रयागराज ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे अली अहमद को कई पुलिस वाहनों के काफिले के साथ झांसी जिला जेल से बाहर निकाला गया। उसकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जेल प्रशासन के मुताबिक, अदालत के आदेश के आधार पर अली को अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए प्रयागराज ले जाया जा रहा है।

अबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अचानक सड़क पर बछड़ा आ जाने से तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अबान और उसके साथ मौजूद सोनू उर्फ शाकिर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए थे।

हाईकोर्ट ने दी कस्टडी पैरोल की अनुमति
अबान के अंतिम संस्कार में उसके भाइयों अली और उमर को शामिल कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। अदालत ने दोनों को कस्टडी पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी। उमर लखनऊ जिला जेल में और अली झांसी जिला जेल में न्यायिक हिरासत में है।
अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों भाइयों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया जाए। सुरक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती के भी निर्देश दिए गए हैं।

मीडिया से बातचीत पर रोक
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, अली और उमर अंतिम संस्कार के दौरान किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करेंगे। इसके अलावा उन्हें मीडिया, सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत करने की अनुमति भी नहीं होगी।
अबान का अंतिम संस्कार प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना है। अली को कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी से प्रयागराज रवाना कर दिया गया है।
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