फतेहपुर। गाजीपुर विकासखंड के कठवारा द्वितीय आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऊषा देवी पत्नी दुर्गा प्रसाद ने मुख्य सेविका शारदा वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। कार्यकर्ता ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और उन्हें भयमुक्त होकर केंद्र का संचालन करने का अवसर देने की मांग की है।
ऊषा देवी ने पूर्व में मुख्य सेविका शारदा वर्मा पर कथित रूप से रुपये लेने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए 19 जनवरी 2021 को वीडियो क्लिप के साथ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य सेविका के खिलाफ विभागीय और विजिलेंस जांच कराई गई। कार्यकर्ता का दावा है कि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर गाजीपुर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने बताया कि निदेशालय स्तर से 20 जनवरी 2026 को जारी आदेश के माध्यम से संबंधित कार्रवाई की गई थी। वहीं, मुख्य सेविका शारदा वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थगनादेश मिलने के बाद दोबारा परियोजना में कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय को प्राप्त हुआ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी बहुआ क्षेत्रीय सुपरवाइजर के माध्यम से उनका स्थलीय निरीक्षण कराने के बजाय फोन पर ही उनकी उपस्थिति और केंद्र संचालन की गतिविधियों को गलत तरीके से दर्शा रहे हैं। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर मानदेय रोकने की कार्रवाई की जा रही है।
कार्यकर्ता का कहना है कि वह लगातार अपने केंद्र पर उपस्थित रहकर नियमानुसार केंद्र का संचालन कर रही हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से संलग्न अभिलेखों के आधार पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
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