फतेहपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने नहर कॉलोनी प्रांगण में धरना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। संघ की जिलाध्यक्ष रेहाना परवीन के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं प्रदेश में बाल विकास, पोषण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय उनकी जिम्मेदारियों के अनुपात में काफी कम है। संघ का कहना है कि हाल में मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि में की गई बढ़ोतरी से भी कार्यकर्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिली है, जिससे उनमें असंतोष बना हुआ है।
संघ ने शासन के पत्र संख्या 2964/58-1-2026 (1420460) का हवाला देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये तथा सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपये की वृद्धि के साथ पीएलआई के रूप में कार्यकर्ताओं को 2500 रुपये और सहायिकाओं को 1250 रुपये दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को संविदा परिषद के मानकों के अनुरूप न्यूनतम 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए, ताकि उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप आर्थिक राहत मिल सके।
ज्ञापन में पोषण ट्रैकर को जीपीएस से संचालित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। संघ ने कहा कि पोषण ट्रैकर में जीपीएस व्यवस्था लागू होने के कारण कार्यकर्ताओं को इसके संचालन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने पोषण ट्रैकर को पहले की तरह संचालित किए जाने की मांग भी रखी।
संघ पदाधिकारियों ने शासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की अपील की।
ज्ञापन देने वालों में रंजना देवी, मन्नू देवी, रेनू देवी, सीमा यादव, ऊषा देवी, लक्ष्मी देवी, गायत्री देवी, माया शुक्ला, संगीता द्विवेदी, अमित, सरिता, विनोदनी, विभा देवी, शारदा देवी, रेखा देवी सहित अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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