फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा हाईवे पर पीएनसी गोदाम के पास जमीन की कब्जेदारी को लेकर 16 सितंबर को हुए विवाद और फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भाजपा नेता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दो दिन पहले जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में मारपीट और गाली-गलौज के बाद फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर को हसवा हाईवे स्थित पीएनसी गोदाम के पास जमीन की कब्जेदारी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। देखते ही देखते विवाद मारपीट और गाली-गलौज में बदल गया। इसी दौरान जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने की घटना हुई। मामले में थरियांव थाने में मुकदमा अपराध संख्या 253/2026 दर्ज किया गया था।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने 17 सितंबर को भाजपा नेता रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह, बलराम मिश्रा, पत्तू उर्फ नन्देर, गुड्डू पटेल और शिवकुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त असलहा और वाहन भी बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह की निशानदेही पर 12 बोर की एसबीबीएल लाइसेंसी बंदूक नंबर 205715, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। जांच में यह लाइसेंसी बंदूक रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह के नाम पंजीकृत पाई गई।
इसके अलावा घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और महिंद्रा एक्सयूवी-500 को भी पुलिस ने बरामद किया है।
आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई
पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की है। वहीं, रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह के खिलाफ BNS की धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 27(1) और 30 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद 18 सितंबर को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
कुछ आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। रिंकू सिंह लोहारी उर्फ अजय सिंह के खिलाफ वर्ष 2020 में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है।
वहीं बलराम मिश्रा के खिलाफ वर्ष 2021, 2023 और 2024 में अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें आर्म्स एक्ट का मामला भी शामिल है। गुड्डू पटेल के खिलाफ भी वर्ष 2020 में मुकदमा दर्ज होने का पुलिस रिकॉर्ड में उल्लेख है।
पुलिस का कहना है कि जमीन की कब्जेदारी को लेकर हुए विवाद में फायरिंग की घटना की विवेचना जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
News Wani
