फतेहपुर। मोबाइल गुम होने के बाद किसी ने उम्मीद छोड़ दी थी तो किसी ने महंगा फोन वापस मिलने की आस ही छोड़ दी थी। लेकिन सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों ने गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन का सुराग दिया और पुलिस की टीमों ने उन्हें खोज निकाला। पुलिस ने एक साथ 116 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 16.50 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने जब लोगों को उनके खोए मोबाइल वापस किए तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि त्योहारों से पहले ही नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर खोए और गिरे हुए मोबाइल फोन उनके स्वामियों तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाता है। मोबाइल गुम होने के बाद पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने पर उसकी सूचना सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से पुलिस तक पहुंचती है। इसके बाद यदि गुम मोबाइल में कोई नया सिम डालकर उसका इस्तेमाल करता है तो सिस्टम के जरिए उसकी लोकेशन और उपयोगकर्ता का पता चल जाता है। इसके आधार पर पुलिस की टीम मोबाइल बरामद कर लेती है।
इस अभियान में जनपदीय सीसीटीएनएस टीम और सभी थानों की सीसीटीएनएस टीमों ने लगातार निगरानी करते हुए समन्वित कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने जिले के साथ-साथ गैरजनपदीय क्षेत्रों और अन्य राज्यों से भी अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए।
बरामद मोबाइलों में कोतवाली के 19, खागा के 16, गाजीपुर के 10, राधानगर के 9, बिंदकी, थरियांव और हथगाम के 7-7 तथा हुसैनगंज के 6 मोबाइल शामिल हैं। इसके अलावा किशनपुर और असोथर से 5-5, खखरेरू से 4 तथा अन्य थाना क्षेत्रों से भी मोबाइल बरामद किए गए।
मोबाइल वापस पाकर लाभार्थियों ने पुलिस के इस त्वरित और प्रभावी अभियान की सराहना करते हुए आभार जताया। मोबाइल बरामदगी अभियान में जनपदीय सीसीटीएनएस टीम और सभी थानों की सीसीटीएनएस टीमें शामिल रहीं।
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