मुंबई। घाटकोपर पूर्व से भाजपा विधायक पराग शाह का एक अनोखा वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपना हुलिया पूरी तरह बदलकर सड़क पर भिखारी के रूप में नजर आए। गंदे-मैले कपड़े, हाथ में झाड़ू और कंधे पर झोला लेकर उन्होंने मुंबई के घाटकोपर इलाके और रेलवे स्टेशन के आसपास आम लोगों के बीच समय बिताया। इस दौरान कई लोग उन्हें पहचान नहीं सके।
पराग शाह के मुताबिक, यह प्रयोग किसी राजनीतिक प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने जैन धर्मगुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा और शिक्षाओं से प्रभावित होकर यह अनुभव किया। इसका उद्देश्य यह समझना था कि जब किसी व्यक्ति की पहचान, पद और आर्थिक हैसियत उसके साथ न हो तो समाज उसके साथ किस तरह व्यवहार करता है।
मेकअप और कपड़े बदलकर सड़क पर निकले विधायक
वीडियो में पराग शाह को मेकअप के जरिए अपना चेहरा बदलते हुए दिखाया गया है। इसके बाद उन्होंने साधारण और मैले कपड़े पहने, हाथ में झाड़ू और एक झोला लिया और आम व्यक्ति की तरह सड़क पर निकल पड़े।
वह रेलवे स्टेशन के आसपास जमीन पर बैठे और राहगीरों से मदद मांगते नजर आए। कुछ लोगों ने उनकी सहायता की, जबकि कई लोग बिना ध्यान दिए आगे निकल गए। एक जगह उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी से खाने के लिए कुछ देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली।
इसके बाद वह एक दुकान पर पहुंचे, जहां उन्हें खाने के लिए कुछ मिला। उन्होंने सड़क किनारे बैठकर खाना खाया। एक व्यक्ति ने उन्हें चश्मा भी दिया, जिसके बाद विधायक ने सिर झुकाकर उसका अभिवादन किया।
करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं पराग शाह
पराग शाह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं और 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में उन्होंने 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की थी। ऐसे में करोड़ों की संपत्ति और विधायक का पद रखने वाले व्यक्ति का अचानक भिखारी का रूप धारण करना लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।
गुरु की प्रेरणा से किया गया सोशल एक्सपेरिमेंट
जैन धर्मगुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज ने इस प्रयोग के पीछे की सोच बताते हुए कहा कि अक्सर व्यक्ति को लगता है कि समाज में लोग उसे उसकी पहचान और हैसियत से जानते हैं। लेकिन जब वही पहचान और वैभव हटा दिया जाए, तो वास्तविकता सामने आती है।
इसी विचार को अनुभव करने के लिए पराग शाह ने अपना रूप बदला और बिना अपनी पहचान बताए आम लोगों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोगों ने जरूरतमंद समझकर मदद की, जबकि कुछ लोगों ने उनकी ओर ध्यान तक नहीं दिया।
गरीबी और सामाजिक व्यवहार को समझने की कोशिश
पराग शाह ने अपने अनुभव को सोशल एक्सपेरिमेंट के तौर पर साझा किया। उनका कहना है कि सड़क पर जरूरतमंद व्यक्ति के रूप में कुछ समय बिताने से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि समाज आर्थिक स्थिति और बाहरी रूप के आधार पर लोगों के साथ किस तरह अलग व्यवहार कर सकता है।
इस प्रयोग का एक संदेश यह भी है कि किसी व्यक्ति की वास्तविक स्थिति जाने बिना केवल उसके कपड़ों और हुलिए से उसके बारे में धारणा नहीं बनानी चाहिए।
इससे पहले सोनू निगम भी कर चुके हैं ऐसा प्रयोग
साल 2016 में गायक सोनू निगम ने भी मुंबई में इसी तरह का सोशल एक्सपेरिमेंट किया था। उन्होंने अपना हुलिया बदलकर सड़क किनारे बैठकर गाने गाए थे। इस दौरान राहगीरों में से अधिकतर लोग उन्हें पहचान नहीं पाए थे।
दोनों घटनाओं का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में आम लोगों की प्रतिक्रिया और सामाजिक व्यवहार को समझना था। पराग शाह का नया वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस प्रयोग को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
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