पश्चिम बंगाल की राजनीति उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने बागी सांसदों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। इस दौरान सौगत रॉय के साथ चार अन्य सांसद भी इस बैठक में शामिल थे। करीब एक घंटे तक चली इस बातचीत में टीएमसी नेताओं ने बागी सांसदों केसौगत रॉय ने स्पीकर से कहा कि जो सांसद अपनी मर्जी से पार्टी छोड़ते हैं, उन्हें कानून के हिसाब से लोकसभा से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने दलील दी कि इन बागी सांसदों ने किसी दूसरी पार्टी के साथ विलय (मर्जर) के नियमों का पालन नहीं किया है। इसलिए उनके नए गुट को आधिकारिक मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। सौगत रॉय को उम्मीद है कि स्पीकर संविधान के अनुसार फैसला लेंगे। कदम को नियम के पश्चिम बंगाल बजट सत्र से पहले सौगत रॉय ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह देखना चाहते हैं कि भाजपा सरकार घाटे के कर्ज और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से कैसे निपटती है। खिलाफ बताया।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत कर दी। इन सांसदों ने नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने और संसद में एनडीए (NDA) का समर्थन करने का फैसला किया है। बागी सांसदों ने स्पीकर से मिलकर सदन में अलग बैठने की जगह भी मांगी थी। उनका दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है।
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