बोगोटा/पेरेरा। कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। पश्चिमी और मध्य कोलंबिया के कई शहरों में भूकंप के तेज झटकों से इमारतें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत और करीब 570 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप का सबसे ज्यादा असर पेरेरा, आर्मेनिया, मनीजालेस और आसपास के इलाकों में देखने को मिला। पेरेरा शहर में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की सूचना है। कई इलाकों में इमारतों के गिरने के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
86 इमारतें गिरीं, 1500 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक भूकंप से 86 इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गईं, जबकि 1,500 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा है। पेरेरा और आसपास के शहरों में कई पुरानी इमारतों में दरारें आने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही हैं।
मनीजालेस और आर्मेनिया में भी भूकंप के झटकों के बाद कई जगहों पर बिजली और दूसरी जरूरी सेवाएं प्रभावित हुईं। कुछ इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत टीमों को पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
सात एयरपोर्ट पर परिचालन प्रभावित
भूकंप के बाद परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। सात एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी हुई। अधिकारियों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है और संरचनात्मक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अस्पतालों में बढ़ाई गई व्यवस्था
बड़ी संख्या में घायलों के अस्पताल पहुंचने के बाद पेरेरा, आर्मेनिया और मनीजालेस के अस्पतालों में आपात व्यवस्था बढ़ाई गई है। डॉक्टरों और मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जरूरत के अनुसार दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
मलबे में लोगों की तलाश जारी
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त इमारतों की तलाशी ले रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की टीमें लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं। भूकंप प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
भूकंप के बाद लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन को आशंका है कि कई दूरदराज के इलाकों में नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है। ऐसे में आने वाले समय में मृतकों, घायलों और क्षतिग्रस्त इमारतों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
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