फतेहपुर। कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति एवं जिला मिशन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि एवं जल संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खेत तालाब योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पहले से लाभान्वित किसानों को मोती उत्पादन और मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी (ईईसी, खागा) ने वर्ष 2025-26 के दौरान आरकेवीवाई के अंतर्गत खेत तालाब योजना, आरडी योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना तथा डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा में ईईसी खागा एवं राष्ट्रीय जलागम फतेहपुर दोनों इकाइयों की प्रगति संतोषजनक पाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दोनों इकाइयों को कुल 24 खेत तालाब एवं 4 पंपसेट का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इस वर्ष खेत तालाब योजना के लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन ई-लॉटरी एवं ऑटो कन्फर्म प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन किसानों ने पूर्व में अनुदान पर खेत तालाब बनवाया है और वे इच्छुक हैं, उन्हें स्थानीय स्तर पर सफल मोती उत्पादक किसानों के यहां एक्सपोजर विजिट एवं प्रशिक्षण कराया जाए, ताकि वे भी मोती उत्पादन शुरू कर सकें। इसके अलावा मत्स्य पालन में रुचि रखने वाले किसानों की सूची मत्स्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 योजना के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, उत्पादन प्रणाली एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना, खेत तालाब योजना के लक्ष्यों तथा वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा के बाद समिति ने प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीणा, उप कृषि निदेशक, उपायुक्त मनरेगा, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारी, प्रज्ञा ग्रामोत्थान सेवा संस्थान के प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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