फतेहपुर। कृषि विभाग के तत्वावधान में प्रज्ञा ग्रामोत्थान सेवा समिति की ओर से आत्मा सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत जिले के 48 किसानों के शैक्षणिक दल को अंतरराज्यीय कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण के लिए सोमवार को राजस्थान रवाना किया गया। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना एवं हसवा ब्लॉक प्रमुख विकास पासवान ने हरी झंडी दिखाकर किसान दल को राजस्थान के लिए रवाना किया।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राजस्थान में भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर, श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर तथा राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा जयपुर में प्रशिक्षण एवं भ्रमण के दौरान किसान वैज्ञानिकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि कृषक दल को कृषि संस्थानों में फसल विविधीकरण, उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि तथा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
उप कृषि निदेशक रामतनु मिश्र ने बताया कि आत्मा योजना के तहत आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य किसानों का ज्ञानवर्धन और क्षमता निर्माण करना है। किसान भरतपुर स्थित अनुसंधान केंद्र में रबी की प्रमुख तिलहनी फसल सरसों की उन्नतिशील प्रजातियों के बीजों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं जयपुर में औद्यानिक फसलों से संबंधित शोध संस्थानों में सब्जी एवं बागवानी की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
हसवा ब्लॉक प्रमुख विकास पासवान ने कहा कि इस प्रकार के कृषक भ्रमण से किसानों को खेती की नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की प्रत्यक्ष जानकारी मिलती है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में मदद मिल सकती है।
भ्रमण दल का संचालन कर रहे संस्था सचिव उमेश चंद्र शुक्ल ने बताया कि किसानों को कृषि तकनीक के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और फसलों की उन्नतिशील प्रजातियों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
भ्रमण दल में बजरंग सिंह, रणवीर सिंह, ज्ञान सिंह, रमेश द्विवेदी, बाबूराम मौर्य, अर्जुन सिंह, वीरेंद्र सिंह, शिवावतार मौर्य और शिवप्रताप सहित अन्य किसान शामिल हैं।
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