फतेहपुर, 22 जुलाई। अखिल भारतीय अकुशल कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश कोऑर्डिनेटर मिस्बाहुल हक ने दिल्ली में युवाओं-युवतियों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी हिंसक गतिविधि या अपराध के आरोप के प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना और पैलेट गन का इस्तेमाल करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में सैकड़ों छात्र-छात्राएं घायल हुए तथा एक छात्रा की मौत हो गई।
मिस्बाहुल हक ने कहा कि पिछले दस वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के बार-बार लीक होने की घटनाएं देश के युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर अब तक प्रभावी जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लाखों बेरोजगार युवाओं में निराशा बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लंबे समय से युवाओं के रोजगार, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाते रहे हैं। इसके बावजूद युवाओं की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।
मिस्बाहुल हक ने कहा कि बेरोजगारी का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है। इन परिवारों के बच्चे संविदाकर्मियों, ठेका श्रमिकों, मनरेगा मजदूरों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, अकुशल श्रमिकों, कुलियों, राजमिस्त्रियों, मोचियों, मैकेनिकों, बढ़इयों, गिग वर्करों, सब्जी एवं फल विक्रेताओं, चाय-पान और छोटी परचून दुकानों से जुड़े लोगों के घरों से आते हैं। ये सभी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सम्मानजनक रोजगार का सपना देखते हैं, लेकिन अवसरों के अभाव में उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की वार्षिक आय प्रायः पांच लाख रुपये से कम होती है और इनकी संख्या देश की बड़ी आबादी का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्याएं और बढ़ी हैं। ऐसे परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
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