महोबा। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिला चिकित्सालय परिसर में सघन जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार और नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भट्ट ने फीता काटकर किया।
अभियान के दौरान टीबी सहित विभिन्न बीमारियों की जांच के लिए शिविर लगाया गया। इसमें कुल 75 लोगों की जांच की गई। शिविर में सुबह से ही मरीजों और जांच कराने पहुंचे लोगों की भीड़ देखने को मिली।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने लोगों से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार खांसी समेत अन्य लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच करानी चाहिए। टीबी का इलाज स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि खांसते और छींकते समय मुंह ढकना चाहिए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के साथ पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी है। बीमारी के दौरान पर्याप्त आराम और अच्छी नींद लेने की सलाह दी गई।
नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, रात में पसीना आना, तेज बुखार, थकान, कमजोरी और भूख कम लगना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। कुछ मामलों में गर्दन की लसीका ग्रंथियों में सूजन या रीढ़ प्रभावित होने पर पीठ में दर्द भी हो सकता है।
शिविर में एचआईवी, एचसीवी, एसईजी और सिफलिस सहित विभिन्न संक्रमणों की भी जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को रोगों से बचाव और समय पर जांच कराने के संबंध में जानकारी दी।
इस दौरान लैब टेक्नीशियन अब्दुल करीम, चंद्रशेखर राजपूत, आईसीटीसी नीलम विश्वकर्मा, एसटीआई रेखा पांडे, ममता राजपूत, एआरडीयू नईम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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