फतेहपुर। करवा चौथ का पावन पर्व पूरे जोश और भक्ति के रंग में रंगा रहा। सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की दीर्घायु, सुख और समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखकर इस पारंपरिक उत्सव को यादगार बनाया। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर मनाए जाने वाले इस पर्व ने जिले के शहरों से लेकर गांवों तक उत्सव और उमंग का माहौल बना दिया। सोलह शृंगार से सजी महिलाएं पूजा और प्रेम के रंग में डूबी नजर आईं।
सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर सुहागिनों ने व्रत का संकल्प लिया और दिनभर बिना जल ग्रहण किए उपवास रखा। प्रमुख बाजारों चौक, हरिहरगंज, बाकरगंज और पत्थरकटा चौराहे पर सुबह से ही करवा चौथ की पूजा सामग्री, चूड़ियों, साड़ियों और मेहंदी की दुकानों पर रौनक छाई रही। महिलाओं ने उत्साह के साथ एक-दूसरे को करवा भेंट कर प्रेम और सौहार्द का संदेश साझा किया।
शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक मंदिरों और घरों में शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा के साथ करवा माता की कथा का पाठ किया गया। जिले के खागा, बिंदकी, असोथर और मलवां जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक पूजा के आयोजनों ने परंपराओं को और जीवंत कर दिया।
स्थानीय निवासी डॉ. विजय लक्ष्मी साहू ने कहा कि यह व्रत उनके लिए पति के प्रति प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। चंद्र दर्शन का इंतजार हर बार खास होता है।
रात करीब 8:09 बजे चंद्रोदय के साथ सुहागिन महिलाओं ने छलनी से चंद्रमा के दर्शन किए और अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद पतियों के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोला। इस वर्ष शुक्रादित्य योग में मनाए गए करवा चौथ को विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए, जिससे उत्सव निर्विघ्न संपन्न हुआ। शहर और गांवों में सांस्कृतिक आयोजनों ने करवा चौथ की चमक को और बढ़ा दिया।
इस पर्व ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति की गहराई और प्रेम की महिमा को उजागर किया। आस्था, परंपरा और उत्साह के अनूठे संगम के बीच महिलाओं ने अपने जीवनसाथी की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की।
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