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देशभर में मानसून का कहर: यूपी-झारखंड में 17 मौतें, हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन से 300 से अधिक सड़कें बंद

देशभर में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश और झारखंड में मंगलवार को बिजली गिरने और बारिश से जुड़े हादसों में कुल 17 लोगों की मौत हो गई। झारखंड में सबसे अधिक 14 लोगों की जान बिजली गिरने से गई, जबकि 8 अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दो बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई, जबकि एक युवक की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान चली गई।

दक्षिण भारत में भी मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। केरल में 1 अगस्त से जारी मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 18 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है। पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।

पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते दोनों राज्यों में 300 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात और राहत कार्य प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड के देहरादून और बागेश्वर में खराब मौसम को देखते हुए कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में भी गंगा और अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई स्थानों पर हाईवे पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ। शामली में तेज बहाव में एक कार बह गई, जबकि अंडरपास में फंसी एक स्कूल बस को ट्रैक्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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