फतेहपुर। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति अजय कुमार भनोट के कथित दुर्व्यवहार के विरोध में गुरुवार को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली और जिला न्यायाधीश के माध्यम से अपनी मांगें रखीं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव एडवोकेट एवं महामंत्री अनुराग नारायण मिश्र एडवोकेट के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अजय कुमार भनोट द्वारा उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही जेल भेजने की धमकी देकर माफी मंगवाने का मामला भी सामने आया है। इसी के विरोध में जिला बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार जनपद के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मांग की कि न्यायमूर्ति अजय कुमार भनोट के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त की जाए। इसके साथ ही प्रदेश एवं जनपद के अधिवक्ताओं के मान-सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार के माध्यम से ठोस कानून बनाया जाए।
अधिवक्ताओं ने यह भी मांग उठाई कि उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवमानना की कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए उचित विधिक प्रावधान किए जाएं। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन करने और वर्तमान कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश सरकार से अधिवक्ता सुरक्षा कानून बनाने तथा अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाने चाहिए।
इस मौके पर अधिवक्ता चंदन सिंह, जैद अहमद, गणेश तिवारी, मुलायम सिंह, शक्ति सिंह, अभय सिंह, बृजकिशोर उमराव, रमेश चंद्र वर्मा, बृजेश कुमार, राकेश सिंह, पंकज तिवारी, दीपचंद्र त्रिपाठी, मोहम्मद आसिफ, रामकिशोर विश्वकर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
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