– आधी रात रेलवे स्टेशन पर धरने पर बैठे कार्यकर्ता
– अखिलेश यादव को रिहा करो के नारों से गूंजा स्टेशन परिसर
-रेलवे स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करते सपाई।
फतेहपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की सूचना मिलते ही शहर में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। देर शाम मिली जानकारी के बाद जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर जिला महासचिव चैधरी मंज़र यार ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यालय पहुंच गए और वहां से नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकालकर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान स्टेशन परिसर अखिलेश यादव को रिहा करो, तानाशाही नहीं चलेगी, छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद जैसे नारों से गूंज उठा। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज कर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को शीघ्र रिहा नहीं किया जाता तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। करीब रात ग्यारह बजे अखिलेश यादव के रिहा किए जाने की सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस लौट गए। धरने में पूर्व जिलाध्यक्ष विपिन यादव, प्रवक्ता एडवोकेट जगदीश सिंह, चेयरमैन राजकुमार मौर्य, डॉ. रामनरेश पटेल, एडवोकेट सुघरलाल यादव, हीरालाल साहू, दीपक डब्ल्यू, सुमित साहू, संगीता पासवान, अखिलेश सविता, तरन्नुम परवीन, आशीष नामदेव, सुहैल खान, एडवोकेट संदीप माली, वीरेंद्र साहू, सुनील उमराव, इंजीनियर सिद्धार्थ कोरी, रविंद्र यादव, विवेक उमराव, उदय सिंह, पंकज यादव, नरेश कोरी, हाजी सिराज, सऊद अहमद, मोहम्मद साबिर, रिशु तिवारी, दानिश, फैज आलम, फैजी समाजवादी, अरशद अनवर, नागेंद्र यादव, आनंद कोटार, नफीस सिद्दीकी, अभिलाष यादव, विवेक यादव, धीरेन्द्र मौर्य, डॉ. रामकेश पटेल, रौनक राज पासवान, अजय लोहिया मौजूद रहे।
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