फतेहपुर। माटीकला से जुड़े पारंपरिक कारीगरों के कौशल विकास और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की ओर से 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षण मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, अनुवां-जंघई, प्रयागराज में आयोजित होगा। इसके लिए जिले से 20 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाला यह प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय होगा। चयनित महिला एवं पुरुष लाभार्थियों को मास्टर ट्रेनर द्वारा माटीकला शिल्पकारी का क्रियात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक कुम्हारी कला से जुड़े कारीगरों के कौशल में सुधार कर उन्हें बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। कुम्हारी कला से जुड़े इच्छुक महिला एवं पुरुष अभ्यर्थी ई-पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के साथ फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र और राशन कार्ड आदि दस्तावेज लगाने होंगे। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकालकर सभी संलग्नकों की स्वप्रमाणित प्रतियों के साथ 10 सितंबर तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, फतेहपुर में जमा करना होगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में मैनुअल रूप से भरा हुआ आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षण एवं आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 77/274 बी, सिविल लाइन, एलआईसी बिल्डिंग के सामने, फतेहपुर से प्राप्त की जा सकती है।
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