मेरठ/मुजफ्फरनगर। सावन के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की भारी भीड़ सड़कों पर नजर आ रही है। इस दौरान कांवड़ यात्रा में भक्ति, आस्था और सेवा के कई अनोखे दृश्य देखने को मिल रहे हैं।
मेरठ में एक महिला अपने बीमार पति को पीठ पर लादकर कांवड़ यात्रा करती नजर आई। महिला का कहना है कि बीमारी के कारण उसके पति चल नहीं पाते हैं। पति के जल्द स्वस्थ होने की मन्नत लेकर वह परिवार और दोनों बच्चों के साथ पैदल हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ पहुंची। महिला ने कहा कि उसे भरोसा है कि भगवान शिव उसकी प्रार्थना जरूर सुनेंगे।
कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु अलग-अलग थीम पर कांवड़ सजाकर भी पहुंच रहे हैं। कहीं आदियोगी की थीम दिखाई दे रही है तो कहीं फिल्मी किरदारों के रूप में श्रद्धालु लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। मेरठ में किंगकांग के वेश में कांवड़ लेकर चल रहा एक शिवभक्त भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं, कुछ श्रद्धालुओं ने विशाल और अनोखी कांवड़ तैयार की है।
उधर, कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। मुजफ्फरनगर में संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा मोर्चे और बंकर तैयार किए गए हैं। यहां बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक हथियारों से लैस जवान तैनात हैं। ड्रोन, डॉग स्क्वॉड, बीडीडीएस और अन्य सुरक्षा इकाइयों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हापुड़ और गाजियाबाद में अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर से कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया और शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की। बरेली में भी कांवड़ियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कांवड़ियों पर फूल बरसाकर स्वागत किया।
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान डूब रहे एक कांवड़िए को मौके पर तैनात एसडीआरएफ जवानों ने सुरक्षित बचा लिया। वहीं, मेरठ में पुलिसकर्मी कांवड़ियों को भोजन, फल और पेय पदार्थ वितरित कर सेवा करते नजर आए।
इस बार कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ सेवा, भाईचारे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कई रंग देखने को मिल रहे हैं।
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