फतेहपुर। अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश ने पूरे जिले को भिगो दिया। ठंडी हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट महसूस की गई और लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। मौसम के अचानक बदले मिजाज का असर बाजारों से लेकर सड़कों तक दिखाई दिया। बारिश के चलते बाजारों में चहल-पहल कम रही, वहीं आवागमन भी प्रभावित हुआ।
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव माना जा रहा है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी और धूल से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत के साथ चिंता का कारण भी बन गई है। खेतों में नमी बढ़ने से रबी की फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने में बारिश सहायक हो सकती है।
दूसरी ओर खेतों में खड़ी धान की फसल और कटाई के बाद खुले में रखी उपज के भीगने से नुकसान की आशंका है। आलू की बुवाई कर चुके किसानों के लिए खेतों में अधिक नमी और जलभराव परेशानी का कारण बन सकता है। लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बनी रही। सड़कों पर फिसलन बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को सावधानी बरतनी पड़ी।
ठंडी हवाओं के चलते लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में हुई इस बारिश ने सर्दी की आहट तेज कर दी है।
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