- प्रशासन की चुप्पी से गहराया आक्रोश
नगर पंचायत की मिलीभगत की आशंका
15 हजार वर्ग फीट सरकारी जमीन पर कब्जे की फिराक में कथित प्रॉपर्टी डीलर
खीरी टाउन खीरी नगर क्षेत्र के ऐतिहासिक रामलीला मैदान की भूमि पर भू-माफियाओं के काले बादल मंडराने लगे हैं। नगर पंचायत प्रशासन खीरी की संदिग्ध कार्यप्रणाली और कथित प्रॉपर्टी डीलरों की पैनी नजरों के कारण करोड़ों रुपये की यह सरकारी जमीन अब खतरे में दिखाई दे रही है। ताज्जुब की बात यह है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज होने के बावजूद, प्रशासन इस बेशकीमती भूमि को सुरक्षित करने में नाकाम साबित हो रहा है। कागजों में दर्ज, लेकिन धरातल पर संकट सरकारी दस्तावेजों (CH 41) ग्राम पट्टी जयद्रथ परगना खीरी तहसील लखीमपुर कस्बा व ज़िला खीरी के मुताबिक, गाटा संख्या 131क में लगभग 15,000 वर्ग फीट जमीन रामलीला मैदान के नाम दर्ज है। यह भूमि न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केंद्र है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति भी है। आरोप है कि क्षेत्र के कुछ रसूखदार प्रॉपर्टी डीलर इस जमीन को खुर्द-बुर्द करने और उस पर अवैध कब्जा करने की फिराक में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों की शह पर ही भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। एक साल से लटका है पार्क का निर्माण क्षेत्रीय जनता की मांग पर शासन द्वारा यहां रामलीला पार्क के निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई थी। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए इस निर्माण कार्य को बीते एक साल से लटका कर रखा गया है। बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण का काम रुकने से खाली पड़ी जमीन पर अब कब्जा करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। जनता और हिंदू नेताओं में उबाल रामलीला मैदान के अस्तित्व पर संकट देख क्षेत्र के नागरिकों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। हिंदू नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही भूमि का सीमांकन कर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। ”रामलीला की भूमि हमारी आस्था का केंद्र है। प्रशासन की नाक के नीचे भू-माफिया इसे लूटने की कोशिश कर रहे हैं। अगर गाटा संख्या 131क को सुरक्षित नहीं किया गया, तो हम इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री और एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स से करेंगे।”
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