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विकसित भारत: जी राम जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार को देगा नई दिशा :- प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति

 

व्यूरो संजीव शर्मा

इटावा। लोकसभा में प्रस्तुत किए गए नए ग्रामीण रोजगार कानून “विकसित भारत: जी राम जी (वीबी–जी राम जी) अधिनियम 2025” को लेकर जनपद इटावा में सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं जनपद इटावा के प्रभारी मंत्री श्री धर्मवीर प्रजापति ने भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष श्री अरुण कुमार ‘अन्नू’ गुप्ता की उपस्थिति में संबोधित किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, आधुनिक एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को समाप्त नहीं किया गया है। वीबी–जी राम जी अधिनियम के पूर्ण रूप से लागू होने तक मनरेगा पूर्व की भांति प्रभावी रहेगी और रोजगार की गारंटी बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि मनरेगा की तुलना में वीबी–जी राम जी अधिनियम के अंतर्गत रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। गांवों के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना सहित भौगोलिक सूचना प्रणाली जैसे आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया जाएगा तथा अन्य विभागीय योजनाओं से समन्वय स्थापित किया जाएगा। अनुमन्य कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है— जल सुरक्षा एवं संरक्षण कार्य, ग्रामीण अवसंरचना से संबंधित कार्य, आजीविका संवर्धन के कार्य, जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम से निपटने से जुड़े कार्य। विकास के मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को ‘ए’, ‘बी’ एवं ‘सी’ श्रेणी में विभाजित किया जाएगा, जिससे सभी गांवों को समान विकास के अवसर मिल सकें। कृषि बुवाई एवं कटाई के समय श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए वर्ष में 60 दिनों तक कृषि मौसम में कार्य न कराने का प्रावधान भी किया गया है।
योजना के अंतर्गत होने वाले व्यय का 60 प्रतिशत वहन केंद्र सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं या असाधारण परिस्थितियों में त्वरित राहत के लिए विशेष छूट का प्रावधान रहेगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जैविक पहचान आधारित उपस्थिति, भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित योजना निर्माण, ऑनलाइन पोर्टल, प्रबंधन सूचना प्रणाली डैशबोर्ड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं अन्य सूचना तकनीकी उपकरणों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सामाजिक अंकेक्षण व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आय वृद्धि, कौशल विकास, नवाचार एवं ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का भी कार्य करेगी। यह पहल विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ‘अन्नू’ गुप्ता, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, पूर्व विधायक सिद्धार्थ शंकर दोहरे, जिला महामंत्री शिवाकांत चौधरी एवं प्रशांत राव चौबे, ब्लॉक प्रमुख गणेश राजपूत, कृपा नारायण तिवारी, कार्यक्रम संयोजक व जिला मंत्री रजत चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी रोहित शाक्य तथा सह-संयोजक सतेंद्र राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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