रायबरेली। देश की राजधानी दिल्ली में मिले सम्मान को लेकर वानर सेना से जुड़े अजीत भैया ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि न मानते हुए रायबरेली की मिट्टी, वानर सेना के देवदूतों और मानवता की सेवा में जुटे हर सहयोगी का सम्मान बताया।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि दिल्ली के मंच पर भले ही वह अकेले खड़े थे, लेकिन उस पल उन्हें महसूस हो रहा था कि उनके साथ वानर सेना का हर साथी, सहयोगी और वह हर हाथ खड़ा है, जिसने जरूरतमंदों के आंसू पोंछने के लिए अपना समय, श्रम और सहयोग दिया।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन अनगिनत रातों की मेहनत का परिणाम है, जब किसी गरीब और जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए सभी साथी एकजुट हुए। जरूरतमंदों के चेहरों पर लौटी मुस्कान और परिवारों में जगी उम्मीद ही इस सेवा यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
अजीत भैया ने वानर सेना के प्रत्येक देवदूत, सहयोगियों, शुभचिंतकों और रायबरेली की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यह सम्मान सेवा के कदम रोकने वाला नहीं, बल्कि और अधिक सेवा, समर्पण और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“यह सम्मान मेरा नहीं, हम सबका है।”
इस अवसर पर उन्होंने कहा—
जिंदाबाद अजीत भैया!
जिंदाबाद बृजेश भैया!
जय हिंद!
जय रायबरेली!
जय वानर सेना!
News Wani
