-चार प्रांतों में मिसाइल और हवाई हमले, हूती विद्रोहियों ने सऊदी के तेल टैंकरों को बनाया निशाना; खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी।
अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले किए। अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान, बुशेहर, होर्मोजगान और इलाम प्रांतों के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि लगातार हमलों के कारण ईरान पर भारी दबाव है और वह “बुरी तरह पिट रहा है।”
इधर, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। इस घटना के बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
CENTCOM का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हालिया हमलों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्रों और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने यह भी दावा किया कि उसने समुद्री नाकाबंदी के तहत कई जहाजों की आवाजाही रोकी है।
ट्रम्प को रक्षा बजट में मिली राहत
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव अब सीनेट में जाएगा। इस बजट का बड़ा हिस्सा रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों के लिए प्रस्तावित है।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर में विस्फोट के बाद आग लग गई। साथ ही चेतावनी दी कि बिना समन्वय के गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
तेल की कीमतों में उछाल
बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी मजबूत स्तर पर कारोबार करता रहा।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के चार प्रांतों में हवाई और मिसाइल हमले किए।
- ट्रम्प बोले- “ईरान बुरी तरह पिट रहा है, लेकिन अभी समझौते को तैयार नहीं।”
- हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
- होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जलमार्ग में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर चिंता।
- अमेरिकी रक्षा बजट प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा से पारित, अब सीनेट में होगा फैसला।
News Wani
