-गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने वर्षों बाद तोड़ी चुप्पी। कहा- पति के अपराध की सबसे बड़ी सजा उनके मासूम बच्चों ने भुगती, आज भी डर और गुमनामी में जी रहा परिवार।
कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी रहे गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने छह साल बाद पहली बार खुलकर अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को साझा किया। उन्होंने कहा कि अगर विकास दुबे आज जिंदा होते तो वह उन्हें थप्पड़ मारतीं और तलाक दे देतीं, क्योंकि उनके एक फैसले ने पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर दी।
रिचा दुबे ने बताया कि बिकरू कांड के बाद उनका परिवार पूरी तरह टूट गया। घर, संपत्ति और बैंक खाते सीज हो गए, बच्चों की पढ़ाई छूट गई और उन्हें कई दिनों तक दर-दर भटककर गुजारा करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आज उनके बच्चे अपने पिता का नाम तक सुनना नहीं चाहते। घर की डोरबेल बजते ही वे घबरा जाते हैं और खुद को कमरे में बंद कर लेते हैं। परिवार आज भी अपनी पहचान छिपाकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा है।
रिचा के मुताबिक, घटना के बाद उन्हें और उनके बेटे को पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ा। आर्थिक तंगी के चलते उन्हें अपने जेवर तक बेचने पड़े और इलाज व कानूनी लड़ाई में वर्षों गुजर गए।
उन्होंने कहा कि विकास दुबे के अपराध की सजा उनके बच्चों को नहीं मिलनी चाहिए थी। उन्होंने बिकरू कांड में शहीद हुए सभी पुलिसकर्मियों के परिवारों से हाथ जोड़कर माफी भी मांगी और कहा कि उन्हें अपने पति के किए पर आज भी गहरा पछतावा है।
रिचा ने बताया कि विकास दुबे गांव की राजनीति छोड़ने को तैयार नहीं थे, जबकि वह लगातार उन्हें परिवार के साथ शांत जीवन बिताने की सलाह देती थीं। उनका कहना है कि अगर उस समय उनकी बात मान ली गई होती तो शायद आज उनका परिवार इस दर्द से नहीं गुजर रहा होता।
मुख्य बातें
- रिचा दुबे ने वर्षों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना दर्द साझा किया।
- कहा- “विकास जिंदा होता तो थप्पड़ मारती और तलाक दे देती।”
- बच्चों ने पिता का नाम तक लेना छोड़ दिया, आज भी मानसिक आघात से जूझ रहे हैं।
- घटना के बाद परिवार को आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना करना पड़ा।
- शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों से हाथ जोड़कर मांगी माफी।
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