-पेपर लीक के विरोध में जारी प्रदर्शन के दौरान देर रात टॉल्स्टॉय मार्ग पर तनाव बढ़ा। पथराव और लाठीबाजी के बाद पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। सुरक्षा के मद्देनज़र कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर के पास बुधवार देर रात पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, टॉल्स्टॉय मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी, जिसमें कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। इससे पहले दिन में पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश भी ड्यूटी के दौरान घायल हुए थे।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और अतिरिक्त बल तैनात किया। करीब 10 से 15 मिनट तक चली झड़प के बाद हालात पर काबू पा लिया गया।
झड़प कैसे हुई
रात करीब 8:30 बजे प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए। इसके बाद पथराव और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाठियां भी देखी गईं। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए पहले चेतावनी दी और बाद में आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एहतियात के तौर पर गुरुवार सुबह कई मेट्रो स्टेशनों का प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया गया, हालांकि प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर सेवा जारी रही।
पुलिस ने दर्ज किए मामले
पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, हिंसा और पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
प्रदर्शन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि घटनास्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके।
सरकार और आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने कहा है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए वह तैयार है। वहीं आंदोलनकारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। आंदोलन से जुड़े प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता ने भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
मुख्य बिंदु
- देर रात जंतर-मंतर के पास छात्रों और पुलिस में हिंसक झड़प।
- पथराव में ACP समेत पुलिसकर्मी घायल।
- पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर स्थिति पर पाया काबू।
- सुरक्षा के मद्देनज़र कई मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए।
- पुलिस ने हिंसा के मामलों में जांच शुरू की, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश।
नोट: इस घटनाक्रम में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के आरोपों की जांच जारी है।
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