न्यूज़ वाणी ब्यूरो शाहजहांपुर रूखसार खान
शाहजहांपुर। किसानों, मजदूरों और गरीबों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन परिवर्तनवादी ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित 16 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार को सौंपा। संगठन ने प्रशासन से सात दिनों के भीतर सभी समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि संगठन लंबे समय से किसानों, मजदूरों और गरीबों की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठा रहा है, लेकिन कई मामलों में अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने भ्रष्टाचार, कथित प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव का मुद्दा उठाते हुए थाना कांट से जुड़े प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
धान खरीद और फसल मुआवजे का मुद्दा उठाया
राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि ज्ञापन में किसानों की आय, फसल सुरक्षा और कृषि उपज की खरीद से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है। संगठन ने धान खरीद के लिए पंजीकरण और सरकारी क्रय केंद्र तत्काल शुरू कराने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ दिलाने तथा बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की। छोटी जोत वाले किसानों को भी मुआवजा देने के दायरे में शामिल करने की बात कही गई।
इसके अलावा राइस मिलों में अनावश्यक कटौती रोकने, नमी मापक यंत्रों और धर्मकांटों की जांच कराने, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाने और घटतौली पर अंकुश लगाने की मांग की गई। आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने तथा फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने की मांग भी उठाई गई।
अस्पतालों और खाद्य पदार्थों की जांच की मांग
भाकियू परिवर्तनवादी ने सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराने और मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किए जाने पर रोक लगाने की मांग की। संगठन ने मानकों के विपरीत संचालित निजी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड केंद्रों और जांच केंद्रों की जांच कर कार्रवाई करने की भी मांग रखी।
ज्ञापन में मिलावटी दूध, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा फैक्ट्रियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और चीनी मिलों से होने वाले जल एवं वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की गई।
बिजली, आवास और रोजगार से जुड़ी समस्याएं भी शामिल
संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद कराने, नलकूप कनेक्शन की समस्याओं का समाधान करने और गलत तरीके से बढ़ाए गए विद्युत भार को ठीक कराने की मांग की। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र गरीबों को लाभ दिलाने तथा अपात्र लाभार्थियों की निष्पक्ष जांच कराने की बात भी कही गई।
इसके साथ ही सरकारी और कृषि भूमि पर कथित अवैध कब्जों, अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों के निर्माण पर कार्रवाई करने, हर घर जल योजना में अनियमितताओं की जांच कराने, विद्युत विजिलेंस के मुकदमों की समीक्षा करने और शिक्षित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
भाकियू परिवर्तनवादी ने प्रशासन से सभी 16 सूत्रीय मांगों पर सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की। संगठन ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश चंद्र गुप्ता, प्रदेश महिला अध्यक्ष क्रांति सिंह, खुशीराम राठौर, सौदान सिंह, रामकुमार गौतम, ब्रजपाल गौतम, मेंहदी हसन, मुकुट बिहारी, गुरुदेव सिंह, मुकेश शर्मा, अजवेंद्र पाल सिंह, जगदीश सिंह, मोर कली, सीमा और सरिता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
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