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बांदा में अपराधों पर कसा शिकंजा, योगी सरकार के कार्यकाल में आपराधिक मामलों में दर्ज हुई बड़ी गिरावट

न्यूज़ वाणी ब्यूरो बांदा।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और कड़े कदमों का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। जनपद बांदा में पिछले वर्षों के तुलना में आपराधिक आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि पहले की अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल के मुकाबले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधों का ग्राफ तेजी से गिरा है। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होने से जहां आम जनता में सुरक्षा का भाव बढ़ा है वहीं अपराधियों और माफियाओं में खौफ साफ नजर आ रहा है।

डकैती शून्य, बलवा और लूट की घटनाओं पर लगी लगाम

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिनांक 01.04.2012 से 31.03.2017 (अखिलेश राज) के बीच जनपद में डकैती के 2 मामले दर्ज किए गए थे, जो योगी सरकार के कार्यकाल (01.04.2017 से 31.03.2022) में घटकर पूरी तरह शून्य (0) पर आ गए। इसी तरह बलवा (दंगा) के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहां पूर्व सरकार में जहां बलवा के 285 मामले सामने आए थे वहीं योगी सरकार की सख्ती के बाद यह संख्या घटकर महज 113 रह गई। माफियाओं और पेशेवर अपराधियों पर बुलडोजर और कुर्की जैसी कड़ी कार्रवाई का ही नतीजा है कि जनपद में लूट के मामले भी 76 से घटकर 57 पर सिमट गए हैं। इसके अलावा गृहभेदन की घटनाएं भी 283 से घटकर 254 हो गई हैं।

मिशन शक्ति का दिखा असर, बलात्कार और अपहरण के मामलों में आई कमी

महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए गए ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ और ‘मिशन शक्ति’ जैसे विशेष अभियानों का असर बांदा में साफ देखने को मिला है। अखिलेश सरकार के समय जनपद में बलात्कार के 216 मामले दर्ज हुए थे जो योगी सरकार की मुस्तैदी के चलते घटकर 163 रह गए। इसके साथ ही अपहरण की वारदातों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। फिरौती के लिए अपहरण के मामले 5 से घटकर 2 हो गए। जबकि अन्य अपहरण की घटनाएं 452 से घटकर 424 पर आ गई हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और जीरो टॉलरेंस की नीति से अपराधियों में खौफ

योगी सरकार द्वारा अपनाई गई त्वरित न्याय प्रक्रिया फास्ट ट्रैक कोर्ट की पैरवी और अपराधियों के खिलाफ कठोरतम एक्शन के कारण हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर भी लगाम लगी है। जनपद में पूर्व सरकार के दौरान हत्या के 197 मामले दर्ज थे जो नए कार्यकाल में घटकर 171 रह गए। वहीं धारा 307 के मामले 177 से घटकर 142 और धारा 304 के मामले 90 से घटकर 70 हो गए हैं। गंभीर चोट पहुंचाने की घटनाएं भी 196 से घटकर आधी से कम यानी सिर्फ 90 रह गई हैं। वहीं चोरी के मामलों में भी भारी सुधार हुआ है और यह आंकड़ा 997 से घटकर 789 पर आ गया है।

बांदा के ये तुलनात्मक आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के चलते जनपद अब भयमुक्त और सुरक्षित दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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