धाता, फतेहपुर। धाता विकासखंड के अधीन क्षेत्र की 64 ग्राम पंचायतों के गांवों की विकास एवं विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्लॉक परिसर में ही पेयजल व्यवस्था बदहाल है। परिसर में लगे चारों हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। इनमें से तीन हैंडपंप करीब एक वर्ष से अधिक समय से खराब हैं, जबकि चौथा भी काफी समय से लोगों के काम नहीं आ रहा है। इसके अलावा परिसर में लगे दो सबमर्सिबल में से एक खराब पड़ा है। ऐसे में ब्लॉक परिसर में आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों और फरियादियों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
ब्लॉक परिसर में खंड विकास कार्यालय के अलावा कृषि रक्षा इकाई, पशु अस्पताल समेत कई अन्य विभागों के कार्यालय संचालित हैं। प्रतिदिन इन कार्यालयों में काम कराने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार परिसर में प्रतिदिन करीब एक सैकड़ा से अधिक लोगों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद यहां पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है।
परिसर में एक मंदिर भी बना हुआ है, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में जल चढ़ाने के लिए भी लोगों को पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ता है। गर्मी और उमस के बीच दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि परिसर में लगे हैंडपंपों की समय से मरम्मत करा दी जाए तो पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। वहीं, एकमात्र चालू सबमर्सिबल पर भी लोगों की निर्भरता बनी हुई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर यह सबमर्सिबल भी बंद हो जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
क्षेत्रीय लोगों ने खंड विकास अधिकारी से सभी खराब हैंडपंपों और सबमर्सिबल को तत्काल दुरुस्त कराने तथा ब्लॉक परिसर में स्थायी पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार यादव से जानकारी ली गई, लेकिन समस्या के समाधान को लेकर उनका कोई स्पष्ट और संतोषजनक आश्वासन नहीं मिल सका।
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