महोबा श्रीनगर उत्तर प्रदेश देश और प्रदेश की सरकारें जहां ‘हर घर जल, हर घर नल’ योजना का ढिंढोरा पीटते नहीं थक रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों को पूरी तरह मुंह चिढ़ा रही है। स्थानीय सैनी मार्केट में प्रशासनिक घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा नमूना देखने को मिल रहा है। इस समय जब पूरा इलाका भारी बरसात से सराबोर है, तब भी सैनी मार्केट के सैकड़ों परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार द्वारा लाखों-करोड़ों की लागत से डाली गई पाइपलाइन धरातल पर पूरी तरह बेअसर और ‘सफेद हाथी’ साबित हुई है, जिसमें आज तक पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई।इस भीषण समस्या को लेकर स्थानीय जनता में सरकार और जल निगम के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। निवासियों का कहना है कि कागजों पर योजना को पूरा दिखाकर अधिकारी और ठेकेदार अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन जनता आज भी दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर है। बरसात के इस मौसम में जलभराव के बीच गंदे और दूषित पानी से होकर पानी लाना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा सीधे तौर पर मंडरा रहा है। महिलाओं का कहना है कि घर का आधा समय सिर्फ पीने के पानी के इंतजाम में ही बीत जाता है।स्थानीय व्यापार मंडल और नागरिकों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार और संबंधित विभाग इस कुंभकर्णी नींद से तुरंत जागे। यदि आगामी तीन दिनों के भीतर इस सूखी पड़ी पाइपलाइन में जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो पूरा सैनी मार्केट व्यापार बंद करके तहसील मुख्यालय पर उग्र आंदोलन और क्रमिक अनशन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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