कानपुर। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कानपुर की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी 2 अक्टूबर के बाद गठबंधन को लेकर घोषणा कर सकती है।
ओवैसी ने अपने भाषण में मुस्लिम समुदाय की शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कार्यकाल को लेकर भी सवाल किए और कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करने पर काम कर रही है।
हसन रूमी ने ओवैसी के आरोपों पर दिया जवाब
कानपुर कैंट से सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी ने ओवैसी के क्षेत्रीय विकास को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। रूमी ने कहा कि अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि विधायक के तौर पर वे लगातार क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाते रहे हैं।
रूमी ने AIMIM की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी के आने से मुस्लिम वोटों के बंटवारे की स्थिति बनती है। उन्होंने ओवैसी से यह भी पूछा कि जिन लोगों पर कानूनी कार्रवाई हुई, उनके मामलों में पार्टी ने कितनी कानूनी मदद की।
इरफान सोलंकी बोले- यूपी के राजनीतिक माहौल को समझना जरूरी
पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि ओवैसी पढ़े-लिखे और राजनीतिक रूप से समझ रखने वाले नेता हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजनीति का मिजाज अलग है। उन्होंने कहा कि ओवैसी जब पहले कानपुर आए थे, उस समय वे खुद विधायक थे।
सोलंकी ने ओवैसी के कानपुर दौरे और स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में उनकी पार्टी के विस्तार का असर किस तरह दिखाई देता है, यह चुनावी समीकरणों के साथ स्पष्ट होगा।
इमरान मसूद ने गठबंधन और वोटों के समीकरण पर रखी बात
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि उत्तर प्रदेश और हैदराबाद की राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि केवल मुस्लिम वोटों के आधार पर भाजपा को हराना संभव नहीं है। उनका बयान ओवैसी की गठबंधन पेशकश के संदर्भ में आया।
ओवैसी ने कानपुर की सभा में कहा था कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है जो उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनने से रोकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम घोषणा 2 अक्टूबर के बाद की जाएगी।
कानपुर की इस सभा के बाद अब ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव, AIMIM के चुनावी विस्तार और सपा-कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
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