रायबरेली। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रवी कुमार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए तेजतर्रार प्रभारी निरीक्षक बालेंदु गौतम को एक बार फिर गदागंज थाने की कमान सौंप दी है। वहीं, लापरवाही के आरोपों के चलते तत्कालीन थाना प्रभारी दयानंद तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई को जिले में पुलिसिंग को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में गदागंज थाना क्षेत्र के मखदुमपुर चौकी से जुड़े एक मामले ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी थी। जानकारी के अनुसार चौकी पर तैनात सिपाही अर्पित जमुनापुर चौराहे स्थित एक लाइब्रेरी में पढ़ने गया था, जहां कुछ युवकों से उसका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि सिपाही के साथ मारपीट की घटना हो गई। सिपाही की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद तथा तीन-चार अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।
बताया जा रहा है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद तत्कालीन थाना प्रभारी दयानंद तिवारी न तो मौके पर पहुंचे और न ही अधीनस्थ पुलिसकर्मी को अपेक्षित विभागीय सहयोग उपलब्ध कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रवी कुमार ने इसे कर्तव्य में लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर कर दिया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने गदागंज थाने की जिम्मेदारी एक बार फिर अनुभवी और सख्त छवि वाले प्रभारी निरीक्षक बालेंदु गौतम को सौंप दी। उनके कार्यभार संभालते ही क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रभारी निरीक्षक बालेंदु गौतम ने अपराधियों को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि जो लोग कानून का उल्लंघन करते हैं या अपराध करने की मंशा रखते हैं, वे या तो अपनी गतिविधियां बंद कर दें या क्षेत्र छोड़ दें, अन्यथा उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या, उत्पीड़न या अपराध की सूचना बिना किसी भय के सीधे थाने में आकर दें। प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बालेंदु गौतम ने कहा कि थाना जनता के लिए न्याय का केंद्र है। उनकी प्राथमिकता होगी कि किसी भी पीड़ित महिला, पुरुष, बुजुर्ग या कमजोर वर्ग के व्यक्ति को थाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर फरियादी की बात गंभीरता से सुनी जाएगी और उसे न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ईमानदारी, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर पुलिसिंग करना ही उनकी कार्यशैली रही है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
एसपी रवी कुमार के इस फैसले को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस महकमे का मानना है कि बालेंदु गौतम की वापसी से गदागंज क्षेत्र में अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत होगा।

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