फतेहपुर। प्रयागराज मंडल के मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने मंगलवार को फतेहपुर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान नगर की सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही सामने आने पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका परिषद सदर के अधिशासी अधिकारी के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने तथा संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़ने तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
सफाई व्यवस्था बदहाल, ईओ के निलंबन के लिए शासन को जाएगा पत्र
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने शहर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने, सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर और विद्युत पोल की स्थिति को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर पालिका परिषद सदर के अधिशासी अधिकारी के निलंबन हेतु शासन स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिए।
साथ ही नोडल अधिकारियों को नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के कार्यों की नियमित और प्रभावी समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संस्थागत प्रसव 80 प्रतिशत होने तक सीएमओ का वेतन रोकने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जनपद में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा महज 60 प्रतिशत पाए जाने पर मंडलायुक्त ने असंतोष जताया। उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़कर 80 नहीं हो जाता, तब तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी का वेतन आहरित न किया जाए।
उन्होंने महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को संवेदनशीलता के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जनपद में चिह्नित गंभीर तीव्र कुपोषण (सैम) से प्रभावित बच्चों के अभिभावकों को पात्रता के अनुसार शौचालय, पेंशन, जॉब कार्ड, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे सैम की श्रेणी से बाहर आ चुके हैं, उनकी लंबाई और वजन की नियमित जांच की जाए। साथ ही कुपोषित बच्चों के परिवारों को पोषाहार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने और तालाबों के सौंदर्यीकरण के निर्देश
मंडलायुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों को ग्राम समाज, खलिहान, परती, तालाब और चारागाह सहित सरकारी भूमि को संपत्ति रजिस्टर में दर्ज करने तथा अवैध कब्जों को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अतिक्रमणमुक्त तालाबों की सूची मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उनका सौंदर्यीकरण कराया जा सके। तालाबों के आसपास पाथवे और आवश्यकतानुसार तारबंदी कराने तथा जिन तालाबों का मूल स्वरूप समाप्त हो गया है, उन्हें पुनः तालाब के स्वरूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए।
सड़कों को गड्ढामुक्त कर फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत सभी सड़क निर्माण एवं अन्य कार्यों की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त कराते हुए फोटो सहित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुकी पानी की टंकियों एवं अन्य परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच जिला स्तरीय अधिकारियों से कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी को सभी ग्राम पंचायतों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों की जांच, आवश्यक मरम्मत एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए।
सीएम डैशबोर्ड की खराब रैंकिंग सुधारने की चेतावनी
मंडलायुक्त ने सीएम डैशबोर्ड पर बी, सी और डी श्रेणी में आने वाली योजनाओं के संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति पर जोर दिया।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के दीपकों से मनेगा भव्य दीपोत्सव
मंडलायुक्त ने दीपावली के अवसर पर जनपद में भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के लिए दीपक बनाने का कार्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से कराया जाए, जिससे उन्हें रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के अवसर मिल सकें।
उन्होंने समूह की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए नियमित समीक्षा और नवाचार को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने दिया निर्देशों के अनुपालन का भरोसा
बैठक के अंत में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मंडलायुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों एवं सुझावों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मंडलायुक्त को भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा भेंट की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, उपजिलाधिकारी सदर, बिंदकी एवं खागा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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