के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। कई जगह सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित है।
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में लगातार तीसरे दिन बारिश के बाद कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। घरों में रखा बेड, सोफा और अन्य सामान पानी में डूब गया। रामबाग रेलवे स्टेशन के तीन रेलवे ट्रैक भी जलमग्न हो गए। राज्य के 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और 84 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की ऊपरी सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। वहीं, कई इलाकों में लगातार बारिश से लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार के बगहा में गंडक नदी के तेज कटाव से एक प्राथमिक विद्यालय के पांच में से चार कमरे नदी में बह गए। स्कूल का बचा हुआ हिस्सा भी कटाव की जद में है। राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। गया में पिछले 24 घंटे के दौरान 125 मिमी बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड से तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक ट्रक चालक और नेपाल के दो मजदूर शामिल हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में कई सड़कें बंद हैं।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में लैंडस्लाइड के कारण एक मकान में दबे चार लोगों में से तीन की मौत हो गई। राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण 124 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में चट्टान गिरने से कुलागाड़ वैली ब्रिज काली नदी में समा गया, जिससे कैलाश मानसरोवर मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई।
हरियाणा के पंचकूला में भी भारी बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। नाडा साहिब के पास तेज बहाव में एक पुल बह गया। असम के कई इलाकों में भी बारिश का पानी सड़कों पर भर गया है और कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है।
ओडिशा के छह जिलों में बाढ़ से नौ लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है। मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में नदियों के बढ़ते जलस्तर, जलभराव और भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
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