लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को मजदूरों और घरेलू कामगार महिलाओं की मांगों को लेकर प्रदर्शन हुआ। समाजवादी मजदूर सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने थाली और चम्मच बजाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए कल्याण बोर्ड गठित करने समेत मजदूर हितों से जुड़ी मांगें उठाईं।
प्रदर्शनकारी दोपहर करीब 1:15 बजे दारुलशफा विधायक निवास से जनभवन की ओर कूच करने के लिए निकले। कार्यकर्ताओं के हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर मजदूरों के शोषण को रोकने और सरकार से उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की मांग लिखी थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जनभवन से पहले पुलिस ने रोका
प्रदर्शनकारी दारुलशफा से करीब 50 मीटर आगे पहुंचे थे कि पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 20 मिनट तक नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार कर आगे जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप भी लगाया।
घरेलू कामगार महिलाओं के लिए कल्याण बोर्ड की मांग
प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए अलग कल्याण बोर्ड बनाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि घरेलू कामगार महिलाएं परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि घरेलू कामगार महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। उनका आरोप है कि लंबे समय से इन समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
समाजवादी मजदूर सभा के राष्ट्रीय सचिव राम गोपाल पुरी ने कहा कि मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी। उन्होंने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए जल्द से जल्द कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मजदूरों के हित में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
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