लखनऊ। नकली सोने के आभूषणों को असली बताकर बैंक में गिरवी रखने और उनके बदले लाखों रुपये का लोन लेने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से कर्ज हासिल करते थे। बाद में रकम निकालकर उसे आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने फर्जीवाड़े के जरिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकली सोने के आभूषण, दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल किए गए अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे पहले नकली जेवरात तैयार कराते थे। इसके बाद उन्हें असली सोना बताकर बैंक में गिरवी रखा जाता था। बैंक से लोन स्वीकृत होने के बाद रकम निकाल ली जाती थी। इस तरह गिरोह ने कई मामलों में बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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