कानपुर। वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने युवा मतदाताओं, खासकर जेन-जी, के बीच संवाद बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। संघ अब युवाओं तक केवल अपनी बात पहुंचाने के बजाय उनकी चिंताओं, सवालों और सरकारों की नीतियों को लेकर उनकी राय समझने पर जोर देगा।
स्वतंत्रता दिवस के बाद संघ के प्रचारक विभिन्न प्रांतों में युवाओं के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और शासन व्यवस्था से जुड़े सवालों पर युवाओं की राय जानने का प्रयास किया जाएगा। संवाद से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर संघ अपनी युवा और सामाजिक गतिविधियों की रणनीति को आगे बढ़ाएगा।
यूपी के कई प्रांतों में होंगे युवा सम्मेलन
संघ की योजना के तहत उत्तर प्रदेश के कानपुर, काशी, गोरक्ष और अवध प्रांत के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और ब्रज क्षेत्र में भी युवा सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जेन-जी के साथ विशेष संवाद पर जोर रहेगा।
संघ की कोशिश ऐसे युवाओं तक पहुंचने की भी होगी, जो किसी संगठन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर सामाजिक और राजनीतिक विषयों को लेकर सक्रिय रहते हैं। युवाओं की बदलती सोच और डिजिटल माध्यमों पर उनकी सक्रियता को देखते हुए इन संवाद कार्यक्रमों को अहम माना जा रहा है।
जेन-अल्फा पर भी नजर
जेन-जी के साथ-साथ जेन-अल्फा को भी संघ की दीर्घकालिक रणनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यही पीढ़ी सामाजिक और सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित करेगी। इसलिए संघ किशोरों और युवाओं को अपनी विचारधारा एवं कार्यपद्धति से परिचित कराने के साथ उनके साथ दीर्घकालिक जुड़ाव की संभावनाएं तलाश रहा है।
युवाओं की बदलती सोच को समझने की कोशिश
संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि किशोरों और युवाओं तक पहुंच बनाने का काम पहले से ही शाखाओं और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से किया जा रहा है। हालांकि सोशल मीडिया और तकनीक के बढ़ते प्रभाव ने युवाओं की सोच, संवाद और प्रतिक्रिया के तरीके में बड़ा बदलाव किया है।
ऐसे में आगामी युवा सम्मेलन केवल संगठनात्मक संपर्क का माध्यम नहीं होंगे, बल्कि युवाओं के बीच मौजूद असहमति, अपेक्षाओं और नए सवालों को समझने का अवसर भी देंगे। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले युवा मतदाताओं की प्राथमिकताओं को समझना इस पूरी कवायद का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
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